10 सितम्बर, 2008
जैन समाज को अल्पसंख्यक द्योषित करने हेतु अध्यादेश
तत्काल जारी करे राज्य सरकार-फारवर्ड ब्लाक
फारवर्ड ब्लाक ने राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे से मांग की है कि राजस्थान में जैन संस्कृति के इतिहास, साहित्य पुरा सम्पदाओं और सांस्कृतिक परम्पराओं को अक्षुण्ण रखने के लिये जैन संस्कृति के अनुयाइयों को तत्काल अल्पसंख्यक घोषित किया जाये।
राजस्थान स्टेट फारवर्ड ब्लाक के स्टेट जनरल सेक्रेटरी हीराचंद जैन ने आज यहां बताया कि भाजपानीत श्रीमती वसुन्धरा राजे सरकार की पूर्ववर्ती श्री अशोक गहलोत सरकार ने जैन संस्कृति के अनुयाइयों को अल्पसंख्यक द्योषित करने की सारी प्रक्रिया पूरी कर अध्यादेश जारी कर दिया था, लेकिन राज्य में भाजपानीत श्रीमती वसुन्धरा राजे सरकार के अस्तित्व में आने के बाद जानबूझ कर सोची समझी रणनीति के तहत उस अध्यादेश को वर्तमान सरकार ने ठण्डे बस्ते में डाल दिया और वैद्यानिक तरीके से विधान सभा में पारित नहीं करवाया। नतीजन जैन संस्कृति पर तेजी से हमले हो रहे हैं। ऋषभदेव मंदिर प्रकरण, उदयपुर सम्भाग में जैन समुदाय पर हमले, जैन मंदिरों में मूर्तियों की चोरी, जैन पुरासम्पदाओं को नष्ट करने की सुनियोजित हरकतों से जैन समुदाय का अस्तित्व ही खतरे में पड गया है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या जैन समुदाय के किसी एक मत-पंथ के सन्यासी को स्टेट गैस्ट का दर्जा देने या ऐच्छिक अवकाश घोषित करने से जैन समुदाय की समस्याओं का हल निकलेगा। इस तरह की सरकारी हरकतों से समग्र जैन समाज खास कर युवाओं में गहरा आक्रोश है और समाज इसे सरकार की फूट डालो और राज करो नीति से ज्यादा कुछ नहीं मानता है। उन्होंने सरकार से पुन: आग्रह किया है कि पिछले अध्यादेश की तर्ज पर जैन समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करने हेतु तत्काल नया अध्यादेश चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहिले लाया जाये।